20130327

चन्द्रसखी के सुप्रसिद्ध होली गीत के साथ स्वस्तिकामनाएं...

चन्द्रसखी के सुप्रसिद्ध होली गीत के साथ आत्मीय स्वस्तिकामनाएं ।  होली का यह फोटो 27 मार्च 2013  का। 




आज बिरज में होरी रे रसिया।


होरी रे होरी रे बरजोरी रे रसिया।


घर घर से ब्रज बनिता आई,


कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया।


आज बिरज में…॥१॥




इत तें आये कुंवर कन्हाई,


उत तें आईं राधा गोरी रे रसिया।


आज बिरज में…॥२॥




कोई लावे चोवा कोई लावे चंदन,


कोई मले मुख रोरी रे रसिया ।


आज बिरज में ॥३॥




उडत गुलाल लाल भये बदरा,


मारत भर भर झोरी रे रसिया ।


आज बिरज में ॥४॥




चन्द्रसखी भज बालकृष्ण प्रभु,


चिर जीवो यह जोडी रे रसिया ।


आज बिरज में ॥५॥
 







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